Mon, 25th Sep 2017

चीन ने भारत की जमकर तारीफ की

भारत की कामयाबी से चीन में भी रॉकेट लॉन्चिंग को लेकर कमर्शियलाइजेशन बढ़ेगा

भलाकुसारी | Published on 2017-02-20 |

चीन ने भारत के रिकॉर्ड सैटेलाइट लॉन्चिंग की जमकर तारीफ की। चीनी स्टेट मीडिया ने कहा है कि भारत ने रिकॉर्ड सैटेलाइट लॉन्च करके उससे बेहतर काम को अंजाम दिया है। इस टेक्नोलॉजी से बीजिंग के स्पेस प्रोग्राम में तेजी आएगी। साथ ही भारत का ये कदम स्पेस में छोटे सैटेलाइट भेजने में मील का पत्थर साबित होगा। बता दें कि 15 जनवरी को इसरो ने 104 सैटेलाइट भेजकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था। 
- शंघाई इंजीनियरिंग के सेंटर फॉर माइक्रो सैटेलाइट के डायरेक्टर झांग योंगे ने कहा, "भारत का रिकॉर्ड स्पेस लॉन्च बताता है कि वह कम लागत में स्पेस में सैटेलाइट भेज सकता है।"
- चीन के ऑफिशियल्स ने 'इंडियाज सैटेलाइट लॉन्च रैम्प्स अप स्पेस रेस' नाम से रिपोर्ट जारी की है। चीन के स्टेट मीडिया ने इसी रिपोर्ट के हवाले लिखा है।
- "भारत के इस कदम से ये भी साबित हो गया कि स्पेस में सैटेलाइट भेजने में केवल पैसेवाले देश की सक्षम नहीं हैं।"
- "भारत की कामयाबी से चीन में भी रॉकेट लॉन्चिंग को लेकर कमर्शियलाइजेशन बढ़ेगा।"
- झांग ये भी मानते हैं कि भारत ने चीन की तुलना में लॉन्चिंग के क्षेत्र में इंटरनेशनल लेवल पर कहीं बेहतर काम किया।
- "भारत के पास इतने तरह के रॉकेट हैं कि वह किसी भी तरह के सैटेलाइट लॉन्च कर सकता है।"

 

'हाल की लॉन्चिंग भारत के स्पेस प्रोग्राम की ताजा कामयाबी है'
- ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, "बुधवार को भारत की सैटेलाइट लॉन्चिंग को उसकी सबसे ताजा कामयाबी माना जा सकता है।"
- "2014 में मार्स (मंगल) के ऑर्बिट में अपना स्पेसक्राफ्ट पहुंचाकर भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया था।"
- "मंगलयान पहुंचाकर भारत, चीन से आगे निकल गया। जबकि चीन 2012 से मार्स मिशन में फेल हो रहा है।"
- हालांकि आर्टिकल में ये भी लिखा गया कि इसरो के अचीवमेंट पर निश्चित ही भारतीयों को फख्र होगा लेकिन इसके प्रभाव सीमित होंगे।

 

भारत ने की थी 30 मिनट में 104 सैटेलाइट की लॉन्चिंग
- इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने एक साथ सबसे ज्यादा सैटेलाइट्स लॉन्च करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 
- बुधवार को 30 मिनटमें एक रॉकेट के जरिए 7 देशों के 104 सैटेलाइट्स एक साथ लॉन्च किए। अभी तक किसी भी देश ने एक साथ इतने सैटेलाइट लॉन्च नहीं किए हैं। 
- सबसे ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च करने का रिकॉर्ड फिलहाल रूस के नाम था। उसने 2014 में एक बार में 37 सैटेलाइट्स लॉन्च किए थे। 
- सैटेलाइट्स को PSLV-C37 (पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) से लॉन्च किया गया। ये पीएसएलवी का लगातार 38th कामयाब मिशन है।
- लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लॉन्च पैड से हुई।
- मिशन में भारत के 3 और अमेरिका की प्राइवेट फर्म्स के 96 सैटेलाइट्स थे।
- इनके अलावा, 1-1 सैटेलाइट इजरायल, कजाकिस्तान, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड और यूएई का था।

 

ISRO ने तीसरी बार भेजे एकसाथ कई सैटेलाइट्स
- सबसे पहले 714 किलो के CARTOSAT-2 सीरीज के सैटेलाइट को अर्थ ऑर्बिट में छोड़ा गया।
- इसके बाद 664 किलो वजनी बाकी 103 नैनो सैटेलाइट्स को धरती से 520 किलोमीटर दूर सन ऑर्बिट में सेट किया गया। 
- सिंगल मिशन में कई सैटेलाइट्स छोड़ने का इसरो का यह तीसरा मौका है। 
- इससे पहले 2008 में एक बार में 10 और जून, 2015 में 23 सैटेलाइट लॉन्च किए गए थे।
- बता दें कि PSLV ने 1993 से लेकर अब तक इसने 38 उड़ानों में कई भारतीय और 180 विदेशी सैटेलाइट्स स्पेस में पहुंचाए हैं।

 

बजट: नासा का आधा इसरो ने 40 साल में खर्च किया
1. नासा, अमेरिका ने 1.29 लाख करोड़ रुपए खर्च किए।
2. रोसकॉस्मॉस, रूस ने 40521 करोड़ रुपए।
3. ईएसए, यूरोप ने 38669 करोड़ रुपए।
4. सीएनईएस, फ्रांस ने 16750 करोड़ रुपए।
9. इसरो, भारत ने 9,093 करोड़ रुपए खर्च किए।

दैनिक भास्कर

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